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जुमेरात (गुरुवार), १५ दिसम्बर १९२७ की शाम फैजबद जेल की काल कोठरी से अशफ़ाक़ उल्ला ख़ाँ ने अपना यह आखिरी पैगाम हिन्दुस्तान के अवाम के नाम लिखकर उर्दू भाषा में भेजा था। उनका मकसद यह था कि मुस्लिम समुदाय के लोग इस पर खास तवज्जो अता करें। एक पुलिस अधिकारी पं० विद्यार्णव शर्मा की पुस्तक युग के देवता : बिस्मिल और…
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इस तथ्य से कोई इंकार नहीं कर सकता कि युवा एक प्रणाली को बदल सकते हैं, एक मौजूदा सरकार पर सवाल उठा सकते हैं और वह राष्ट्र की ऐसी आवाज बन सकते है जिसकी उसे आवश्यकता है। जब भी राष्ट्र को जरुरत पड़ी है युवा आगे आये है और शिक्षा का इस में काफी रोल…
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नीट 2020 का रिजल्ट घोषित हो चुका है और टॉपर होने का ताज ओडिशा के रहने वाले शोएब आफताब के सर बंधा है। उनकी कामयाबी कई माएनों में अलग है, सबसे बड़ी बात यह है वह ओडिशा के पहले ऐसे छात्र हैं जिन्हें यह कामयाबी मिली है। कहते हैं कि मेहनत का कोई दूसरा विकल्प…




