Category: संस्कृति

  • मस्जिदे शमसी, बदायूं

    जामा मस्जिद शम्सी या ग्रेट मस्जिद शम्सी या मस्जिदे शमसी उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक केंद्र बदायूं के में बनी एक शानदार जामा मस्जिद है। मस्जिदे शमसी बदायूं का निर्माण उस समय दिल्ली सल्तनत के शासक सुल्तान इल्तुतमिश ने 1210 में करवाया था। यह मस्जिद फारसी और अफगान वास्तुकला का उत्कृष्ट नमूना है। इसके…

  • रांगेय राघव

    रांगेय राघव (१७ जनवरी, १९२३ – १२ सितंबर, १९६२) हिंदी के उन विशिष्ट और बहुमुखी प्रतिभावाले रचनाकारों में से हैं जो बहुत ही कम उम्र लेकर इस संसार में आए, लेकिन जिन्होंने अल्पायु में ही एक साथ उपन्यासकार, कहानीकार, निबंधकार, आलोचक, नाटककार, कवि, इतिहासवेत्ता तथा रिपोर्ताज लेखक के रूप में स्वंय को प्रतिस्थापित कर दिया,…

  • मलिक अहमद निज़ाम शाह निज़ाम I निज़ाम शाही वंश और अहमदनगर सल्तनत के संस्थापक थे। अहमद, निज़ाम उल-मुल्क मलिक हसन बाहरी, बीजानुग्गर (या बीजानगर) के एक हिंदू ब्राह्मण के पुत्र थे, जिनका मूल नाम तिमापा था और इस्लाम धर्म अपनालिया था।  अहमद के पिता को महमूद गवन की मृत्यु पर मलिक नायब बनाया गया था।…

  • नज़ीर अकबराबादी का जन्म दिल्ली शहर में सन् 1735 में हुआ। बाद में इनका परिवार आगरा जाकर बस गया और वहीं इन्होंने आगरा के अरबी-फ़ारसी के मशहूर अदीबों से तालीम हासिल की। नज़ीर हिंदू त्योहारों में बहुत दिलचस्पी लेते थे और उनमें शामिल होकर दिलोजान से लुत्फ़ उठाते थे। मियाँ नज़ीर राह चलते नज़में कबने…

  • जुमेरात (गुरुवार), १५ दिसम्बर १९२७ की शाम फैजबद जेल की काल कोठरी से अशफ़ाक़ उल्ला ख़ाँ ने अपना यह आखिरी पैगाम हिन्दुस्तान के अवाम के नाम लिखकर उर्दू भाषा में भेजा था। उनका मकसद यह था कि मुस्लिम समुदाय के लोग इस पर खास तवज्जो अता करें। एक पुलिस अधिकारी पं० विद्यार्णव शर्मा की पुस्तक युग के देवता : बिस्मिल और…